B2)Ramayan Kriya yog (रामायण व क्रिया योग); Dr Puneet code (डा पुनीत कोड).

Level 1

Jeev

जीव

Lust, strength, flight or aggression, greed , ego, illusion, survival of fittest (hatered, killing), loss of atam agyan;undergo correction through step by step enlightenment.

(काम ; बल,भागो व मारो- क्रोध; लोभ, अंहकार,भ्रम ( घृणा, खुन खराबा) आत्म अज्ञान; एक-एक करके दिव्य स्वरुप को प्राप्त हो जाते हैं।

Level 2

❤️ Heart chakra activation

(हृदय आत्मप्रकाश जागरण)

Level 2 sequence

–Shudra Chakra shudhi ( inside); win over last spiritual knot

Level 2a

-Rescue Kamdev Ashram(outside)

–शुद्र चक्र पर विजय।काम पर विजय (शरीर के भीतर)। -कामदेव आश्रम बचाव, गुरु वशिष्ठ के साथ। (शरीर के बाहर)

Kamdev Ashram protection

Level 2B

-Killing of Tarka ; -Vaish and Shatriya chakra Shudhi ( victory over strength fight and fear)

-ताड़का वध। -वैश्य व क्षत्रिय चक्र शुद्धि। ( बल व क्रोध पर विजय)

Level 2C

-Marriage with Sita daughter of King Janak. -victory over greed.

-माता सीता स्वयंवर । –लोभ पर विजय

Level 2D

-Ego discipline (inside body) -Left Kingship (outside body)

अंहकार पर विजय। -राजा के पद का त्याग ।

Level 2 E

-Budhi discipline. -Left palace, servants,parents -घर त्याग (victory over desire)

बुद्धि पर विजय,. -घर त्याग (मोह पर विजय)

Level 2 F

– Discipline of Chit (inside).

चित शुद्धि। जटायु मुक्ति

Level 2G

Heart ❤️ center activation (inside) – Atam prakash. Sugreev killing (outside)

हृदय शक्ति जागरण (शरीर में) सुग्रीव वध (शरीर से बाहर)

Level 2H

-Kshar Purush. -Sashupti.-14 years in jungle wandering helping needy ( outside)

क्षर पुरुष। -सुषुप्ति (जीव आत्म ज्ञान )।     -14 वर्ष वनवास (घृणा, खून खराबा पर विजय; जन कल्याण)

Level 3

Akshar / Uttam purush. -Sarvikalp Samadhi.              -Lanka burning

अक्षर / उत्तम पुरुष। -सर्विकल्प समाधि; -लंका दहन

Level 4

PRA purush; Pralay purush destroyer of darkness or evil
– NIRVIKALP samadhi. Darshan to everyone simultaneously when returned to Ayodhya.

परा पुरुष; प्रलय पुरुष। निर्विकल्प समाधि।(अयोध्या जनता को एक-एक के साथ, एक ही समय में दर्शन)

Level 5

PRATPAR purush; able to carry out shaktipaat –heart to heart;Sita van Ashram

Pratpar purush attains moksha into POORAN BRAHM.Pooran Samadhi in Saryu river.

परात्पर पुरुष; 5A) देह त्याग से पहले हरि स्वरूप द्वारा निष्काम कर्म ; -माता सीता त्याग.


देह त्याग परे 5B पूर्णब्रह्म में ठौर (ठाकुर) व स्थिति (बैठक/बैकुंठ/ धाम)। सरयू नदी में देह त्याग व पूर्ण समाधि।

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